जीविका दीदियों को भी मिलेगा रोजगार
अब तक मनरेगा जैसी योजनाओं में जीविका दीदियों को सीधे रोजगार का लाभ नहीं मिलता था। नई व्यवस्था के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी रोजगार गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। गांवों में ग्रामीण हाट विकसित करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
1 जुलाई से शुरू होगी योजना
सरकार की ओर से यह योजना 1 जुलाई से लागू करने की तैयारी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका बढ़ाने वाले कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों के उत्पादों के भंडारण और बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना भी शामिल है।
श्रमिकों को125 दिन काम
योजना के तहत पात्र ग्रामीण मजदूरों को हर साल 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। इसमें खेती, मौसम और ग्रामीण जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार में लागू होने की तैयारी
इस योजना को लागू करने में बिहार को शुरुआती राज्यों में शामिल किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से अधिकारियों को योजना के संचालन और क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि इसे सही तरीके से जमीन पर उतारा जा सके।
करोड़ों के बजट से बढ़ेगी रफ्तार
केंद्र सरकार की ओर से बिहार के लिए हजारों करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण रोजगार, आजीविका और विकास से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। नई योजना गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) से उम्मीद है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाओं व मजदूरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
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