यूपी में शिक्षकों के ट्रांसफर पर नया आदेश, विभाग ने जारी किए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों को लेकर नया अपडेट सामने आया है। शासन की ओर से जारी नए निर्देशों में पति-पत्नी दोनों के शिक्षक होने की स्थिति में स्थानांतरण को लेकर नियम स्पष्ट किए गए हैं।

नए आदेश के अनुसार, अगर पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हैं तो केवल उसी शिक्षक या शिक्षिका के तबादले के अनुरोध पर विचार किया जाएगा, जिसने खुद आवेदन किया है। यानी बिना आवेदन किए पति या पत्नी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

पहले के नियम में किया गया बदलाव

इससे पहले जारी दिशा-निर्देशों में दंपती नीति के तहत यह प्रावधान था कि यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय स्कूलों में शिक्षक हैं और उनमें से कोई एक आवेदन करता है तो शिक्षक-छात्र अनुपात को ध्यान में रखते हुए दोनों में से किसी एक के स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है। अब नए आदेश में इस व्यवस्था को स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि आवेदन करने वाले शिक्षक के मामले में ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

किन परिस्थितियों में हो सकता है ट्रांसफर?

विभाग ने मानवीय और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए कुछ मामलों में तबादले की अनुमति देने का प्रावधान रखा है। इनमें शिक्षक या उनके जीवनसाथी अथवा अविवाहित बेटे-बेटी के दिव्यांग होने की स्थिति शामिल है। इसके अलावा गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर या डायलिसिस जैसी परिस्थितियों में भी स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है।

जनगणना ड्यूटी को लेकर भी दिए गए थे निर्देश

शासन की ओर से पहले यह भी कहा गया था कि बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना से जुड़े कार्यों में लगाए गए हैं। ऐसे में एक साथ अधिक संख्या में तबादले होने से काम प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीमित मामलों में ही प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।

विभाग के द्वारा शिक्षकों के लिए जरूरी अपडेट

नए आदेश के बाद शिक्षकों को अपने तबादले के लिए आवेदन और पात्रता से जुड़ी जानकारी ध्यानपूर्वक देखनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि केवल नियमों के अनुसार किए गए अनुरोधों पर ही विचार किया जाएगा। यह बदलाव खासतौर पर उन शिक्षक दंपतियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का इंतजार कर रहे थे।

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