जांच में सामने आई थी डंपिंग की बात
वाणिज्य मंत्रालय की जांच एजेंसी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने मामले की जांच की थी। जांच में पाया गया कि कुछ विदेशी कंपनियां सल्फिनामाइड्स एक्सीलरेटर नामक रबर केमिकल को कम कीमत पर भारतीय बाजार में बेच रही थीं। इससे देश में इस उत्पाद का निर्माण करने वाली कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा था। घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया।
75 से 1748 डॉलर प्रति टन तक शुल्क
सरकार की ओर से लगाया गया एंटी-डंपिंग शुल्क अलग-अलग दरों पर लागू होगा। यह शुल्क 75 डॉलर से लेकर 1748 डॉलर प्रति टन तक रखा गया है। इसकी दर इस बात पर निर्भर करेगी कि केमिकल किस देश और किस कंपनी से आयात किया जा रहा है। यह रबर केमिकल मुख्य रूप से टायर और अन्य रबर उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होता है। यह रबर की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाने में मदद करता है।
PET रेजिन और एल्युमीनियम फॉयल पर भी सख्ती
सरकार ने कुछ अन्य आयातित उत्पादों को लेकर भी कदम उठाए हैं। चीन से आने वाले PET रेजिन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। यह उत्पाद प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा चीन, मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया से आने वाले एल्युमीनियम फॉयल पर लागू शुल्क की अवधि भी आगे बढ़ाई गई है।

0 comments:
Post a Comment