इस पहल के तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सरकार तैयार कर रही लाभार्थियों की सूची
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद महिला कल्याण विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से तीन तलाक पीड़ित महिलाओं, एसिड अटैक पीड़िताओं और निराश्रित महिलाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। डेटा तैयार होने के बाद पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आवास की समस्या होगी दूर
सरकार की योजना है कि जिन प्रभावित महिलाओं के पास अपना पक्का घर नहीं है, उन्हें आवास योजनाओं के माध्यम से मदद दी जाए। इससे उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सकेगा। तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाओं को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वहीं एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज और देखभाल की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ
एसिड अटैक जैसी घटनाओं के बाद पीड़ित महिलाओं को कई बार लंबे इलाज, सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है। सरकार ऐसी महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़कर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इसके अलावा निराश्रित महिलाओं और उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की तैयारी है।
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