इस योजना का उद्देश्य लोगों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। लद्दाख में सिंधु नदी के किनारे आयोजित होने वाली यह यात्रा हर साल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। अब बिहार सरकार की सहायता से अधिक लोग इस यात्रा का हिस्सा बन पाएंगे।
यात्रा खर्च पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सहायता
योजना के तहत यात्रियों को यात्रा खर्च का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार की ओर से अधिकतम 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि यह राशि यात्रा शुरू होने से पहले नहीं मिलेगी। यात्रा पूरी करने के बाद यात्री को अपने टिकट, बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में रिम्बर्समेंट के रूप में भेजी जाएगी।
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?
इस योजना का फायदा लेने के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है। साथ ही आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। सरकार ने इस योजना के लिए हर साल सीमित संख्या में यात्रियों के चयन का प्रावधान रखा है। हर वर्ष केवल 100 यात्रियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। चयन के लिए जरूरी दस्तावेजों की जांच और तय नियमों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
क्या है सिंधु दर्शन यात्रा का महत्व?
सिंधु दर्शन यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह यात्रा लद्दाख में सिंधु नदी के तट पर आयोजित होती है, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं।
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