मुख्यमंत्री ने गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राज्य की बंद पड़ी नौ चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी
सरकार का फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां पहले चीनी मिलें संचालित होती थीं। रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी जैसे इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को दोबारा बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। इन मिलों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सकती है।
हाजीपुर में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई
बिहार में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हाजीपुर के औद्योगिक क्षेत्र में करीब 17 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली एक आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस इकाई में रेडी-टू-ईट स्नैक्स जैसे उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इससे करीब 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गन्ना उत्पादन बढ़ाने, खेती की उत्पादकता सुधारने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बिहार के चंपारण क्षेत्र को प्रमुख गन्ना उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी विशेष योजना बनाने की बात कही गई है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक को बढ़ावा
सरकार चीनी उद्योग में नए निवेश को आकर्षित करने और पुरानी इकाइयों के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान दे रही है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उद्योग को ज्यादा प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी है। इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास को भी गति मिल सकती है।

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