इस अभियान के तहत प्रशासन की ओर से कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां बुजुर्गों का सत्यापन किया जा रहा है। कई जगहों पर लोगों को घर के नजदीक ही यह सुविधा देने की कोशिश की जा रही है, ताकि उम्रदराज लोगों को ज्यादा परेशानी न उठानी पड़े।
तकनीकी दिक्कतों से बुजुर्ग परेशान
सत्यापन प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती बायोमेट्रिक जांच को लेकर सामने आ रही है। उम्र बढ़ने के साथ कई बुजुर्गों के हाथों की उंगलियों के निशान पहले जैसे स्पष्ट नहीं रहते। ऐसे में मशीन फिंगरप्रिंट लेने में परेशानी करती है। वहीं कुछ बुजुर्गों को आंखों से जुड़ी समस्या होने के कारण आइरिस स्कैन में भी दिक्कत आ रही है। इसके चलते कई लाभुकों को दोबारा प्रयास करना पड़ रहा है।
सत्यापन नहीं हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी
सरकार की कोशिश है कि सभी पेंशनधारकों का सत्यापन तय समय के अंदर पूरा हो जाए। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जाए और बुजुर्गों को प्रक्रिया पूरी कराने में मदद मिले।
लाखों लाभुकों का किया जा रहा सत्यापन
राज्य में वृद्धावस्था पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। इन सभी लाभुकों की पहचान और रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए जीवन प्रमाण प्रक्रिया कराई जा रही है। अब तक काफी संख्या में लोगों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि बाकी लाभुकों को तय समय सीमा के अंदर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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