पथ निर्माण विभाग ने इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। अब इसे कानून, परिवहन और ट्रैफिक से जुड़े विभागों के सुझावों के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद मंजूरी के लिए इसे कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।
हाईवे किनारे बनेगा सुरक्षा क्षेत्र
नई नीति का उद्देश्य हाईवे के आसपास एक सुरक्षित क्षेत्र तैयार करना है, ताकि सड़क पर चलने वाले वाहनों को बेहतर दृश्यता मिले और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। प्रस्ताव के तहत नेशनल हाईवे के दोनों तरफ 15-15 मीटर तक के क्षेत्र में पक्का मकान, दुकान, गोदाम या अन्य स्थायी निर्माण पर रोक लगाने की योजना है।
जमीन मालिकों के अधिकार सुरक्षित
सरकार की योजना में जमीन मालिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखा गया है। हाईवे किनारे आने वाली निजी जमीन का मालिकाना हक संबंधित व्यक्ति के पास ही रहेगा। हालांकि सुरक्षा कारणों से तय सीमा के अंदर नए निर्माण की अनुमति नहीं होगी। जमीन का इस्तेमाल खेती, रास्ते या अन्य गैर-निर्माण कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बड़ी पहल
हाईवे को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने को लेकर देशभर में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में बिहार सरकार भी नई नीति तैयार कर रही है। सरकार का मानना है कि हाईवे किनारे अनियंत्रित निर्माण से यातायात प्रभावित होता है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भविष्य में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों को सख्त किया जा रहा है।
जल्द लागू हो सकती है ये नई व्यवस्था
फिलहाल प्रस्ताव पर अलग-अलग विभागों से राय ली जा रही है। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अगर नीति लागू होती है तो बिहार में नेशनल हाईवे के आसपास निर्माण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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