प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर फुलवारी अंचल की टीम ने लाभुकों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया है। जांच प्रक्रिया में परिवारों की पहचान, निवास और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि की गई। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
2014 में जारी हुआ था जमीन का पर्चा
जानकारी के मुताबिक, इन परिवारों को वर्ष 2014 में ही तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा जारी किया गया था, लेकिन कई कारणों से उन्हें अब तक जमीन पर वास्तविक अधिकार नहीं मिल पाया था। वर्षों से लंबित इस मामले में अब प्रशासनिक पहल के बाद उम्मीद जगी है कि लाभुकों को जल्द ही उनका अधिकार मिल सकेगा।
गरीब परिवारों को मिलेगा स्थायी सहारा
भूमिहीन परिवारों के लिए जमीन का मालिकाना हक केवल एक कागज नहीं, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का माध्यम माना जाता है। जमीन मिलने से ऐसे परिवारों को घर बनाने और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से अटके मामले के समाधान से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पर्चा वितरण और भूमि पर अधिकार दिलाने की अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन की इस पहल से फुलवारी प्रखंड के 84 भूमिहीन परिवारों को जल्द ही अपनी जमीन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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