इस दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में लोगों को पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है।
पेयजल संकट रोकने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्मी और कम बारिश की स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी पूरी रखी जाए। सिंचाई, पंचायतीराज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व और कृषि विभाग को मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि जरूरत के समय लोगों को पानी की परेशानी न हो।
'कैच द रेन' अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाए जा रहे 'कैच द रेन' अभियान को जमीन पर तेजी से लागू किया जाए। इसके तहत वर्षा जल को संरक्षित करने, तालाबों और जल स्रोतों को बचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन हो सके।
तालाबों और अमृत सरोवरों के संरक्षण पर जोर
बैठक में गांवों के तालाबों और पोखरों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही अमृत सरोवरों की साफ-सफाई, रखरखाव और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
नदियों की सफाई और जल संसाधनों पर भी नजर
मुख्यमंत्री को नदियों की सिल्ट सफाई और जल संसाधन से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। सरकार की कोशिश है कि मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे जल प्रबंधन बेहतर हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

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