खरीद लक्ष्य से पीछे रहने पर बदले नियम
सरकारी समीक्षा में पाया गया कि NAFED और NCCF के लिए तय 2 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 1.55 लाख मीट्रिक टन प्याज की ही खरीद हो सकी है। इसके बाद गुणवत्ता शर्तों को सरल बनाने का निर्णय लिया गया।
‘ग्रेड A’ प्याज के मानकों में ढील
नई गाइडलाइन के अनुसार ‘ग्रेड A’ प्याज के आकार से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब प्याज के कंद का आकार 35 मिमी से 70 मिमी तक स्वीकार्य होगा, जबकि पहले यह सीमा 45 मिमी से 65 मिमी थी। इस बदलाव से पहले जिन उपजों को रिजेक्ट किया जा रहा था, अब उन्हें खरीद में शामिल किया जा सकेगा।
नई श्रेणी ‘URS’ को मंजूरी
सरकार ने एक नई श्रेणी ‘अंडर रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशन्स (URS)’ भी शुरू की है। इसके तहत ऐसे प्याज भी खरीदे जा सकेंगे जिन पर हल्का दाग या रंग परिवर्तन हो, या जिनमें सीमित मात्रा में धूप से नुकसान (सनबर्न) दिखाई दे। इससे खरीद प्रक्रिया अधिक लचीली और किसानों के अनुकूल बनने की उम्मीद है।
नासिक के किसानों को सीधा लाभ
सरकार ने नासिक जिले में अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने की अनुमति भी दी है। इससे उन किसानों को भी राहत मिलेगी, जो अब तक निर्धारित गुणवत्ता मानकों के कारण अपनी उपज नहीं बेच पा रहे थे। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले से बाजार में किसानों की भागीदारी बढ़ेगी और उनकी आय में सुधार होगा।

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