लंबित मामलों पर सरकार की नजर
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई जगहों पर दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामले विभिन्न कारणों से लंबित पड़े हैं। सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि तकनीकी कमियों या अनावश्यक आपत्तियों के नाम पर आवेदनों को लंबे समय तक लंबित न रखा जाए। पात्र मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
हर महीने होगी कार्यों की समीक्षा
राजस्व कार्यों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। जिला और अंचल स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा कर उनकी प्रगति पर नजर रखी जाएगी। इससे समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकेगी और उनके समाधान में तेजी आएगी।
सरकारी भूमि की सुरक्षा पर जोर
सरकार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी भूमि का दाखिल-खारिज करने से पहले सरकारी भूमि के अभिलेखों का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए। इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी स्वामित्व में दर्ज होने से रोकना है।
15 दिनों में दिखनी चाहिए प्रगति
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना अब प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले कुछ दिनों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
राजस्व सेवा होगा अधिक प्रभावी
दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को लेकर सरकार की मंशा व्यवस्था को अधिक सरल और जनहितकारी बनाने की है। इसके लिए जवाबदेही तय करने, तकनीकी सुधार करने और लंबित मामलों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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