बिहार के लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब टेंशन होगी दूर!

पटना। बिहार के भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से आवागमन में परेशानी झेल रहे लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन का लक्ष्य 7 जून तक इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात बहाल करना है।

तेजी से चल रहा है मरम्मत और मजबूतीकरण का काम

विक्रमशिला सेतु बिहार के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और अतिरिक्त मजबूती के लिए विशेष तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौथे बेली ब्रिज को स्थापित करने का काम तेजी से आगे बढ़ाया गया है। पुल को सुरक्षित बनाने के लिए इंजीनियरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। संबंधित विभागों के अधिकारी भी निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि निर्धारित समय के भीतर यातायात शुरू किया जा सके।

सुरक्षा जांच के बाद खुलेगा रास्ता

अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इसके साथ ही पुल तक पहुंचने वाले मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। अप्रोच रैंप, सड़क चिह्नांकन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि यातायात संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

शुरुआत में लागू होगी वन-वे व्यवस्था

पुल की संरचनात्मक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे वाहनों का दबाव नियंत्रित रहेगा और पुल पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा। यातायात शुरू होने के बाद भी प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी करेगा और आवश्यकता अनुसार व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

किन वाहनों को मिलेगी अनुमति?

प्रारंभिक चरण में केवल हल्के वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इनमें मोटरसाइकिल, ऑटो, एंबुलेंस, कार और जीप जैसे छोटे चारपहिया वाहन शामिल होंगे। वहीं भारी वाहनों, यात्री बसों, मालवाहक ट्रकों और बड़े ट्रेलरों के परिचालन पर फिलहाल रोक जारी रहेगी। पुल के दोनों छोर पर चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे ताकि निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके।

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