यूपी में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, लेवल-वन में होंगे प्रमोट

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में सिंचाई विभाग के अभियंताओं और सरकारी अधिवक्ताओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से विभागीय संरचना में सुधार के साथ-साथ कानूनी सेवाओं से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

सिंचाई विभाग में लेवल-वन प्रमोशन का रास्ता आसान

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अभियंता (सिंचाई विभाग) (समूह-‘क’) नियमावली-2026 में सातवें संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के बाद अब अभियंताओं को लेवल-वन में प्रोन्नति के लिए 27 वर्ष की बजाय 25 वर्ष की सेवा पूरी करना पर्याप्त होगा।

लंबे समय से लंबित बाधा हुई खत्म

पहले नियमों के अनुसार अभियंताओं को लेवल-वन तक पहुंचने में 27 वर्ष की सेवा आवश्यक थी, जिसके कारण कई अधिकारी सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचकर भी प्रमोशन से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था के लागू होने से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

रिक्त पदों को भरने में मिलेगी मदद

वर्तमान में सिविल संवर्ग में लेवल-वन के 12 और मैकेनिकल संवर्ग में 2 पद स्वीकृत हैं। सेवा अवधि घटाए जाने से इन पदों पर समय से नियुक्ति और रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में एक अन्य अहम निर्णय के तहत राज्य सरकार की ओर से न्यायालयों में पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और रिटेनरशिप में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। जानकारी के अनुसार, जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में करीब 10 वर्षों बाद और महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्षों बाद संशोधन किया गया है। इस फैसले से न्यायिक कार्य प्रणाली को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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