नई गाइडलाइन जारी, यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 75% अटेंडेंस अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नई और सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इस नियम का पालन न करने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जुलाई से शुरू होगा नया सिस्टम

बोर्ड के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत जुलाई से होगी, जिसके साथ ही परिषद का ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय कर दिया जाएगा। इसी पोर्टल पर कक्षा 9 के छात्रों का पंजीकरण किया जाएगा और आगे की सभी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।

उपस्थिति रिकॉर्ड रहेगा ऑनलाइन

नई गाइडलाइन के तहत सभी विद्यालयों को छात्रों की उपस्थिति का रिकॉर्ड नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे छात्रों की उपस्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और फर्जी उपस्थिति या अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

दस्तावेजों का होगा कड़ाई से सत्यापन

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा आवेदन से पहले छात्रों के नाम, पिता का नाम और अन्य विवरणों का मिलान विद्यालयी अभिलेखों से किया जाएगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

अभिभावकों की सहमति भी जरूरी

नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन से पहले अभिभावकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि कम उपस्थिति वाले छात्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही ड्रॉपआउट (बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र) को रोकने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छात्रों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी

नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद छात्रों को नियमित रूप से विद्यालय आना होगा, क्योंकि उपस्थिति ही परीक्षा में शामिल होने की मुख्य शर्त होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों में अनुशासन बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति गंभीरता भी आएगी। यूपी बोर्ड का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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