1. ई-लॉटरी और ऑनलाइन चयन से होगा लाभार्थियों का चयन
नई व्यवस्था के तहत खेत-तालाब योजना में किसानों का चयन पूरी तरह ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होने की उम्मीद है। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम के तहत इस योजना को लागू किया जा रहा है।
2. खेत-तालाब निर्माण पर 50% तक अनुदान
सरकार किसानों को खेत-तालाब बनाने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता दे रही है। नॉन-लाइन खेत-तालाब पर 50% अनुदान, अधिकतम सहायता राशि ₹52,500, इस योजना का उद्देश्य वर्षा जल संचयन और सिंचाई क्षमता को बढ़ाना है।
3. पंपसेट पर भी मिलेगा 50% सब्सिडी
सिंचाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए किसानों को इलेक्ट्रिक और डीजल पंपसेट पर भी अनुदान दिया जाएगा। 50% सब्सिडी (अधिकतम ₹15,000), इससे छोटे और सीमांत किसानों को सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी।
4.प्राथमिकता और आरक्षण का लाभ
योजना में विभिन्न वर्गों के किसानों को प्राथमिकता दी गई है। पिछले 7 वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई अपनाने वाले किसानों को प्राथमिकता, अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 15% लक्ष्य आरक्षित, लघु और सीमांत किसानों के लिए 50% लक्ष्य आरक्षित, महिला किसानों की भागीदारी को भी विशेष प्रोत्साहन।
5. दो किस्तों में मिलेगा अनुदान
सरकार ने अनुदान वितरण की प्रक्रिया भी तय कर दी है। तालाब की खुदाई पूरी होने पर 75% राशि सीधे खाते में, शेष 25% राशि पक्के निर्माण, इनलेट कार्य, जियो-टैगिंग और सत्यापन के बाद जारी की जाएगी किसानों की आय और सिंचाई व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा।

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