50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार होगा
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों के लिए 50 हजार एकड़ का बड़ा लैंड बैंक तैयार किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशकों को जमीन की उपलब्धता में किसी तरह की देरी न हो। इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को किसानों और जमीन मालिकों से सीधे संवाद कर आपसी सहमति के आधार पर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान उचित मुआवजा दिया जाएगा।
हर जिले में फूड पार्क से मिलेगा फायदा
सरकार की योजना के अनुसार राज्य के हर जिले में फूड पार्क स्थापित किए जाएंगे। इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही 11 बड़े मेगा औद्योगिक पार्क भी विकसित किए जाएंगे, जो बड़े निवेशकों को आकर्षित करने का काम करेंगे।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में टॉप आने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार को देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में शीर्ष राज्य बनाना है। इसके लिए उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा। सभी आवश्यक अनुमतियाँ (NOC) और सरकारी सुविधाएँ निवेशकों को समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि उद्योग लगाने की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
निवेशकों और उद्योगपतियों से सुझाव पर जोर
सरकार ने यह भी तय किया है कि राज्य के स्थानीय उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों और निवेशकों से लगातार संवाद किया जाएगा। उनके सुझावों के आधार पर नीतियों में सुधार किया जाएगा, ताकि बिहार को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके।
उच्च स्तरीय बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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