पश्चिमी विक्षोभ हुआ सक्रिय, 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से उत्तर भारत से लेकर पहाड़ी राज्यों तक भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर भारत में तेज बारिश और आंधी का खतरा

IMD के मुताबिक 18 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी और बिजली गिरने के साथ 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

राजस्थान में बारिश से राहत

राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। चूरू, सीकर और पिलानी जैसे क्षेत्रों में अच्छी वर्षा देखने को मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। राज्य में 22 जून तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

कई राज्यों में अलनीनो का असर भी

केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार अल नीनो के प्रभाव से देश के 12 राज्यों में मानसून पर असर पड़ सकता है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा और झारखंड शामिल हैं। इन राज्यों के 326 संवेदनशील जिलों के लिए वैकल्पिक कृषि योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

महाराष्ट्र में बारिश सामान्य से काफी कम

महाराष्ट्र में इस बार मानसून कमजोर रहा है। 1 से 15 जून के बीच सामान्य बारिश की तुलना में केवल 26 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने किसानों को फिलहाल बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है।

मछुआरों और किसानों के लिए चेतावनी

IMD ने बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और अंडमान सागर में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को फसलों को ओलावृष्टि और जलभराव से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है।

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