बिहार सरकार की घोषणा, स्नातक छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के स्नातक छात्रों के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिससे पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें काम का अनुभव और आर्थिक सहायता भी मिलेगी। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के चुनिंदा कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप करने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को हर महीने 12,300 रुपये तक स्टाइपेंड दिया जाएगा।

अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम

सरकार की ओर से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) लागू किया जा रहा है। इस योजना को शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (CRISP) के बीच समझौता किया गया है। इस कार्यक्रम में छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

पढ़ाई के साथ मिलेगा इंडस्ट्री अनुभव

AEDP चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम होगा। इसमें करीब 75 प्रतिशत हिस्सा अकादमिक पढ़ाई और 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण का होगा। इस योजना की खास बात यह है कि तीसरे वर्ष में छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। इसी दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा और वे अपने क्षेत्र में काम सीख सकेंगे।

अप्रेंटिसशिप के बाद नौकरी का अवसर

इस योजना से जुड़ा एक बड़ा फायदा यह भी है कि जिन संस्थानों या कंपनियों में छात्र अप्रेंटिसशिप करेंगे, वहां उन्हें आगे रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलने की संभावना रहेगी। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने में आसानी होगी।

चार विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में होगी शुरुआत

पहले चरण में यह योजना बिहार के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों के 13 अंगीभूत कॉलेजों में लागू की जाएगी। इनमें शामिल हैं पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय। इन कॉलेजों में विज्ञान, वाणिज्य और कला से जुड़े रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।

योजना के तहत इन कोर्सों में मिलेगा बड़ा फायदा

योजना के तहत कई नए और रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। विज्ञान वर्ग में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं। वहीं वाणिज्य क्षेत्र में बीकॉम बीएफएसआई, रिटेल ऑपरेशंस और ई-कॉमर्स जैसे पाठ्यक्रमों को जोड़ा गया है। कला संकाय में कंटेंट और क्रिएटिव राइटिंग जैसे रोजगार आधारित कोर्स भी शामिल किए गए हैं।

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