उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग
गर्मी बढ़ने के कारण प्रदेश में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। 16 जून को उत्तर प्रदेश में करीब 30,760 मेगावाट बिजली की रिकॉर्ड मांग पूरी की गई। इतनी अधिक मांग के बावजूद बड़े स्तर पर बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी। इससे पहले भी 14 और 15 जून को प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति की गई थी। लगातार बढ़ती मांग के बीच बिजली व्यवस्था को संभालना ऊर्जा विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति सुधारने पर जोर
प्रदेश सरकार की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसका असर शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। बिजली आपूर्ति बेहतर होने से घरों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और कृषि कार्यों को भी राहत मिली है।
फील्ड में लगातार काम कर रही विभाग की टीमें
भीषण गर्मी, आंधी और बारिश जैसी परिस्थितियों के बीच बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। लाइन में खराबी, ट्रांसफार्मर की समस्या या अन्य तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने के लिए टीमें सक्रिय हैं। बिजलीघरों और उपकेंद्रों की निगरानी के साथ-साथ उपकरणों की जांच और रखरखाव का काम भी लगातार किया जा रहा है।
बिजली लाइनों के आसपास विशेष अभियान
बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विभाग ने कई स्तरों पर काम शुरू किया है। बिजली लाइनों से सटी पेड़ों की शाखाओं की कटाई, साफ-सफाई और फॉल्ट कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य तेज हवाओं और बारिश के दौरान बिजली बाधित होने की घटनाओं को कम करना है।
शिकायतों के जल्द समाधान पर फोकस
उपभोक्ताओं की समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी बिजलीघरों और उपकेंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। ऊर्जा विभाग का कहना है कि लक्ष्य है कि प्रदेश के लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और लगातार बिजली आपूर्ति मिलती रहे।

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