अब 100 नहीं, 125 दिनों का रोजगार
नई व्यवस्था में ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार की सीमा बढ़ाई जाएगी। अभी तक मनरेगा के तहत एक साल में 100 दिनों के काम की गारंटी थी, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह बढ़कर 125 दिन हो जाएगी। इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा और मजदूरी के जरिए उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कौन ले सकेगा योजना का लाभ?
इस योजना का फायदा गांवों में रहने वाले उन परिवारों को मिलेगा, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल मजदूरी का काम करना चाहते हैं। जिन लोगों के पास अभी रोजगार गारंटी कार्ड नहीं है, वे ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन कर नया कार्ड बनवा सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
तकनीक से होगी काम की निगरानी
नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसके तहत: फेस ऑथेंटिकेशन से उपस्थिति दर्ज होगी, मोबाइल के जरिए कार्यों की निगरानी होगी, लोकेशन आधारित योजना तैयार की जाएगी, रियल टाइम डैशबोर्ड से जानकारी उपलब्ध होगी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। हालांकि, जहां तकनीकी समस्याएं होंगी वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाएगी।
मजदूरी सीधे खाते में होगी ट्रांसफर
श्रमिकों की मजदूरी पहले की तरह सीधे बैंक खाते या डाकघर खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार की कोशिश रहेगी कि भुगतान समय पर हो और देरी होने की स्थिति में श्रमिकों को मुआवजा भी मिले।
काम की जगह पर मिलेंगी सुविधाएं
नई व्यवस्था में कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए जरूरी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। इनमें साफ पानी, आराम की जगह, बच्चों के लिए छाया और प्राथमिक उपचार की सुविधा शामिल होगी।
रोजगार मांगने पर 15 दिन में देना होगा काम
नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण लोग ग्राम पंचायत में रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन मिलने के बाद तय समय सीमा के अंदर काम उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होगी। अगर आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता है तो पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शुरुआती अवधि में यह भत्ता मजदूरी दर के एक हिस्से के रूप में मिलेगा, जबकि आगे की अवधि के लिए इसकी राशि बढ़ सकती है।
गांवों के विकास से जुड़े कामों को मिलेगी प्राथमिकता
नई योजना में ऐसे कार्यों पर ज्यादा जोर रहेगा, जिनसे गांवों का विकास हो सके। इसमें जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क निर्माण, आजीविका बढ़ाने वाले काम और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव से जुड़े कार्य शामिल होंगे।
गांव से दूर काम मिलने पर मिलेगा अतिरिक्त भुगतान
सरकार की कोशिश रहेगी कि मजदूरों को काम उनके गांव के आसपास ही मिले। अगर किसी कारण से 5 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर काम मिलता है तो श्रमिकों को अतिरिक्त खर्च के लिए मजदूरी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा।

0 comments:
Post a Comment