सरकार की ओर से इन क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) देने का प्रावधान है। इससे छोटे किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
लघु पशुपालन को मिलेगा उद्योग का रूप
पशुधन विभाग का लक्ष्य है कि भेड़, बकरी और सूकर पालन को केवल पारंपरिक गतिविधि तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि लघु पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने और रोजगार देने का मजबूत माध्यम बन सकता है।
1 .बकरी पालन पर 90% तक सहायता
बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजना में 60 हजार रुपये लागत वाली इकाई पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में इकाइयां स्थापित की जा रही हैं और आने वाले समय में नए लाभार्थियों को भी जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
2 .भेड़ पालन के लिए भी मिलेगा फायदा
भेड़ पालन करने वाले लोगों के लिए भी सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। करीब 1.70 लाख रुपये लागत वाली इकाई पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़ पालन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को अतिरिक्त आय का साधन मिल सकेगा।
3 .सूकर पालन को भी बढ़ावा
सूकर पालन को लेकर भी सरकार नई योजनाओं के जरिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। करीब 1.47 लाख रुपये लागत वाली इकाई पर 90 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे इच्छुक लोग कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

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