बैठक में जानकारी दी गई कि बिहार में चिन्हित परिवारों में से करीब 60 लाख परिवार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए पात्र पाए गए हैं। इससे ऐसे परिवारों को अपना पक्का घर बनाने का अवसर मिलेगा, जिनके पास अभी तक आवास की सुविधा नहीं है।
1.04 करोड़ परिवारों का हुआ था सर्वे
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बिहार में कुल 1.04 करोड़ परिवारों की पहचान की गई थी। केंद्र सरकार की तय गाइडलाइन और पात्रता मानकों के आधार पर जांच के बाद इनमें से 60 लाख परिवारों को योजना के योग्य माना गया है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
किसानों और ग्रामीण विकास पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार और सरकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने और लोगों को अधिक लाभ देने पर जोर दिया।
जीविका दीदियों को आर्थिक मजबूती देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के लिए चल रहे आजीविका कार्यक्रमों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरस मेले जैसे आयोजनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
बिहार में कृषि क्षेत्र में नई आधुनिक पहल की तैयारी
बिहार में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बक्सर में टमाटर और लखीसराय में प्याज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इन केंद्रों के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और उत्पादन बढ़ाने की जानकारी मिलेगी।

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