पुरानी रिपोर्टें खारिज, नए सिरे से तैयारी के निर्देश
पहले जिलों से जो रिपोर्ट एनजीओ और बाहरी संस्थाओं की मदद से तैयार करवाई गई थी, उन्हें अब प्राधिकरण ने अस्वीकार कर दिया है। इसके बाद सभी संबंधित जिलाधिकारियों को नए सिरे से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के इन 11 शहरों पर विशेष फोकस
नई व्यवस्था के तहत लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या और गाजियाबाद जैसे 11 बड़े शहरों में हीट एक्शन प्लान को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
जिलाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अब इस योजना की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को दी गई है। उन्हें नगर निगम, आपदा प्रबंधन, कृषि, बागवानी और मौसम विभाग जैसे सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
स्थानीय विशेषज्ञों की होगी अहम भूमिका
नई गाइडलाइन के अनुसार, इस बार कार्ययोजना तैयार करने में स्थानीय विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। इससे योजना अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ेगा हरियाली का दायरा
योजना के तहत शहरों में छोटे-छोटे वन क्षेत्र और हरियाली बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे तापमान नियंत्रण में मदद मिलने और हीटवेव के प्रभाव को कम करने की उम्मीद है।
हीटवेव से बचाव के लिए मजबूत सिस्टम
UPSDMA का लक्ष्य है कि एक ऐसा मजबूत सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे भीषण गर्मी के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके लिए जिलों में विशेष समितियां गठित कर काम को तेज किया गया है।

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