बिहार जमीन सर्वे को लेकर बड़ा अपडेट, किसानों को खेत पर रहने की सलाह

न्यूज डेस्क। बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर किसानों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जमीन के सही रिकॉर्ड तैयार करने और भविष्य में विवादों को कम करने के उद्देश्य से राज्य में सर्वे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में भोजपुर जिले में ग्राम सीमा सत्यापन (सीमांकन) की प्रक्रिया लगातार पूरी की जा रही है।

भोजपुर में 700 से ज्यादा गांवों का सीमांकन पूरा

भोजपुर जिले में कुल 1159 राजस्व गांवों का विशेष भूमि सर्वेक्षण किया जाना है। इनमें से अब तक 701 गांवों में ग्राम सीमा सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का करीब 60 प्रतिशत से अधिक है। प्रशासन ने बाकी बचे गांवों में भी जल्द सीमांकन पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार चरपोखरी और गड़हनी प्रखंड में ग्राम सीमा सत्यापन का काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है। चरपोखरी के सभी 90 गांवों और गड़हनी के सभी 50 गांवों में सीमांकन पूरा कर लिया गया है।

कई प्रखंडों में तेजी से चल रहा काम

जिले के अलग-अलग प्रखंडों में सर्वे का काम जारी है। सहार, कोईलवर, तरारी, पीरो, आरा सदर, संदेश, जगदीशपुर, बड़हरा, बिहिया, शाहपुर और उदवंतनगर जैसे क्षेत्रों में भी ग्राम सीमा सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वहीं अगिआंव प्रखंड में अभी काम की गति धीमी है, जहां कुल 72 गांवों में से 27 गांवों का सीमांकन पूरा हुआ है। प्रशासन बाकी क्षेत्रों में भी तेजी लाने की तैयारी कर रहा है।

सर्वे अमीन कर रहे जमीन की जांच

ग्राम सीमा सत्यापन का काम सर्वे अमीन और अन्य सर्वे कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी दर्ज की जा रही है। सीमांकन पूरा होने के बाद जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करने और आगे की सर्वे प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

अब किसानों को रहना होगा मौजूद

भूमि सर्वेक्षण की अगली अहम प्रक्रिया किस्तवार है। भोजपुर जिले में अब तक 89 गांवों में किस्तवार का काम पूरा किया जा चुका है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जब उनकी जमीन की मापी और जांच हो तो वे खुद या अपने किसी प्रतिनिधि को मौके पर जरूर भेजें। किसानों की मौजूदगी से जमीन की सही स्थिति, सीमाएं और अन्य जानकारी का सत्यापन बेहतर तरीके से हो सकेगा। इससे आगे चलकर जमीन विवाद की संभावना कम हो सकती है।

क्या होती है किस्तवार प्रक्रिया?

किस्तवार भूमि सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें सर्वे टीम जमीन के वास्तविक स्थान पर जाकर उसकी स्थिति की जांच करती है। इस दौरान जमीन की मापी, सीमाओं की पहचान और रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है। इस प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि जमीन में खरीद-बिक्री, बंटवारे, कब्जे या अन्य कारणों से कोई बदलाव हुआ है या नहीं। मौके पर किसानों और संबंधित पक्षों की मौजूदगी से सही जानकारी दर्ज करने में सहायता मिलती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

प्रशासन ने किसानों से कहा है कि वे अपने जमीन के कागजात तैयार रखें और सर्वे टीम को पूरा सहयोग दें। खेत की मापी या सत्यापन के समय उपस्थित रहने से जमीन का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज हो सकेगा और भविष्य में परेशानी से बचा जा सकता है।

0 comments:

Post a Comment