मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें जमीन से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं। इन फैसलों से जमीन मालिकों, निवेशकों और विकास परियोजनाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।
1. विशेष परिस्थितियों में जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति
सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में विशेष परिस्थितियों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और लीज की अनुमति देने का फैसला किया है। इससे उन भू-स्वामियों को राहत मिलेगी, जिन्हें जरूरी कामों या आपात स्थिति में अपनी जमीन से जुड़े फैसले लेने में परेशानी हो रही थी। सरकार ने लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
2. बिहार राज्य आवास बोर्ड को मिली जमीन खरीद की अनुमति
राज्य सरकार ने बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत बिहार राज्य आवास बोर्ड को जमीन खरीदने का अधिकार दिया है। इसके अलावा विकास कार्यों और सरकारी परियोजनाओं के लिए जरूरत के अनुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। इससे आवास और शहरी विकास से जुड़े कामों को गति मिलने की संभावना है।
3. निवेश परियोजनाओं के लिए जमीन का रास्ता साफ
राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) से मंजूर निवेश योजनाओं के लिए अब निवेशक जमीन खरीद या लीज पर ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और नई परियोजनाओं के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
4 .जमीन मालिकों को मिलेगा बेहतर मुआवजा
सरकार ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुआवजे में भी राहत दी है। शहरी क्षेत्रों में जमीन मालिकों को बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) में जो भी अधिक होगा, उसके आधार पर दो गुना तक भुगतान किया जाएगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण जमीन के लिए बाजार मूल्य या सर्किल रेट के चार गुना तक मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही निर्धारित राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
5 .भू-स्वामियों और विकास दोनों को फायदा
सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य जमीन मालिकों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ राज्य में विकास और निवेश को बढ़ावा देना है। नई व्यवस्था से भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ने और विकास परियोजनाओं को तेजी मिलने की उम्मीद है।

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