40 की उम्र में शुरू कर दें ये 5 काम, बुढ़ापे तक नहीं आएगी कमजोरी!

हेल्थ डेस्क। 40 की उम्र के बाद शरीर में कई बदलाव धीरे-धीरे नजर आने लगते हैं। पहले की तुलना में मेटाबॉलिज्म, मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक सक्रियता में बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसे में इस उम्र के बाद जीवनशैली पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। अच्छी आदतें समय रहते अपना ली जाएं तो आगे चलकर शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ केवल वजन नियंत्रित करना ही पर्याप्त नहीं है। मांसपेशियों की ताकत, हड्डियों का स्वास्थ्य, नींद, खान-पान और मानसिक सेहत पर भी ध्यान देना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी वयस्कों को नियमित एरोबिक गतिविधि के साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करने की सलाह देता है।

1. रोजाना शरीर को एक्टिव रखें

40 के बाद सबसे पहली आदत शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की बनानी चाहिए। रोज तेज चाल से पैदल चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या अपनी क्षमता के अनुसार कोई दूसरी गतिविधि की जा सकती है। WHO के मुताबिक वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 से 300 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। नियमित एक्सरसाइज हृदय स्वास्थ्य, ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।

2. मांसपेशियों की ताकत पर दें ध्यान

उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए केवल वॉक करने के बजाय सप्ताह में कुछ दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। शुरुआत में स्क्वैट, वॉल पुश-अप, सीढ़ियां चढ़ना या हल्के रेजिस्टेंस बैंड जैसे आसान अभ्यास किए जा सकते हैं। WHO भी प्रमुख मांसपेशी समूहों के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ एक्सरसाइज की सलाह देता है।

3. खाने की प्लेट को बनाएं संतुलित

40 के बाद खान-पान की आदतों में सुधार करना भी जरूरी है। रोज की डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, पर्याप्त प्रोटीन और स्वस्थ वसा जैसे पोषक तत्वों को जगह देनी चाहिए। बहुत ज्यादा मीठा, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा तला-भुना भोजन कम करना बेहतर विकल्प हो सकता है। संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।

4. नींद को न करें नजरअंदाज

काम और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच कई लोग नींद को सबसे पहले नजरअंदाज करते हैं। लेकिन शरीर की रिकवरी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। इसलिए रोज सोने और जागने का समय लगभग निश्चित रखने की कोशिश करें। रात में सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल या अन्य स्क्रीन देखने की आदत कम करना भी नींद की गुणवत्ता के लिए मददगार हो सकता है।

5. नियमित हेल्थ चेकअप की आदत डालें

40 की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य जरूरी जांच समय-समय पर कराते रहना उपयोगी हो सकता है। यदि परिवार में किसी बीमारी का इतिहास है या पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो जांच और स्क्रीनिंग की जरूरत व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेकर जांच का सही शेड्यूल तय करना बेहतर है।

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