फिटमेंट फैक्टर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जिसका इस्तेमाल मौजूदा बेसिक पे को संशोधित करके नए वेतनमान में बेसिक सैलरी तय करने के लिए किया जाता है। इसलिए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाएगा, इसका सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी पर पड़ेगा। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अलग-अलग संगठनों ने अपनी मांग के अनुसार अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किए हैं।
कर्मचारी संगठनों की क्या है मांग?
कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। कुछ संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। यदि भविष्य में इतनी दर स्वीकार की जाती है तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी का गणित काफी बदल जाएगा। वहीं रेलवे से जुड़े कुछ कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगें आयोग के सामने रखी हैं। ये सभी आंकड़े फिलहाल मांग या प्रस्ताव हैं। इन्हें सरकार द्वारा स्वीकृत नया वेतनमान नहीं माना जा सकता।
कितना बढ़ सकता है न्यूनतम वेतन?
फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए यदि 2.57 का गुणक लगाया जाए तो 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 46,260 रुपये हो सकती है। इसी तरह 2.86 के काल्पनिक फिटमेंट फैक्टर पर यह रकम करीब 51,480 रुपये और 2.92 पर लगभग 52,560 रुपये बैठती है। वहीं 3.83 के हिसाब से गणना करने पर राशि करीब 68,940 रुपये होती है। लेकिन यह केवल गणितीय उदाहरण हैं। 8वें वेतन आयोग ने अभी इनमें से किसी आंकड़े को अंतिम रूप नहीं दिया है।
भत्तों पर भी पड़ सकता है असर
नए वेतनमान में बेसिक पे बढ़ने पर कुछ भत्तों की गणना भी प्रभावित हो सकती है। खास तौर पर हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) जैसे घटकों पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि भत्तों में वास्तविक बदलाव किस तरह होगा, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। इसलिए फिलहाल किसी निश्चित प्रतिशत या रकम को अंतिम मानना सही नहीं होगा।
पेंशनभोगियों को भी उम्मीद
8वां वेतन आयोग केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पेंशनभोगियों के वेतन-पेंशन ढांचे पर भी इसका असर पड़ सकता है। फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पुनरीक्षण को लेकर पेंशनर्स के बीच भी काफी उम्मीदें हैं। हालांकि न्यूनतम पेंशन कितनी होगी या उसमें कितना इजाफा होगा, इसका अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। यह भी आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
आयोग कर रहा है हितधारकों से बातचीत
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन एवं अन्य लाभों की समीक्षा के लिए किया गया है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से उनकी मांगें और सुझाव जान रहा है। अगस्त और सितंबर में भी अलग-अलग शहरों में हितधारकों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे संकेत मिलता है कि आयोग अब परामर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है और विभिन्न पक्षों की मांगों को समझने पर जोर दे रहा है।

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