नए आवासों को स्वीकृति मिलने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण यानी बीएलसी घटक के तहत प्रदेश में स्वीकृत मकानों की कुल संख्या 4,88,526 तक पहुंच जाएगी। सरकार का जोर जरूरतमंद परिवारों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने पर है।
137 नगरीय निकायों में बनेंगे नए आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत नए मकान प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। इससे शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है और जो आवास की जरूरत पूरी करने के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक
इन आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की समय-सीमा और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, उनका काम तय समय के अनुसार आगे बढ़ाया जाए।
निर्माण में देरी बर्दाश्त नहीं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवास निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

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