खबर के अनुसार पटना जिले के ग्रामीण इलाकों में करीब 116 वर्षों बाद जमीन सर्वे का काम शुरू किया गया हैं। इस सर्वे के माध्यम से लोगों के जमीन का खतियान अपडेट किया जायेगा। जमीन के सभी खतियान को जीवित रैयत के नाम किया जायेगा।
बता दें की सर्वे टीम लोगों की जमीन की मापी करेगी, दखल-कब्जा की जांच करेगी और दस्तावेजों को देखेगी। सभी भू-स्वामी को जमीन के सत्यापन करने के लिए जमाबंदी, खतियान जैसे कागजात दिखाने होंगे। साथ ही साथ वंशावली भी जमा करनी होगी।
दरअसल पटना जिले में 1908 ईस्वी में कैडेस्ट्रल सर्वे हुआ था, आज भी इसी के आधार पर जमीन की जमाबंदी है। हालांकि इसके बाद 80 के दशक में रिवीजनल सर्वे हुआ, लेकिन यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका था। अब एकबार फिर से यहां जमीन सर्वे शुरू हुआ हैं।
बिहार में जमीन सर्वे टीम को देने होंगे ये 6 कागज?
1 .सर्वे टीम को जमीन का रकबा, चौहद्दी, खेसरा की जानकारी देनी होगी।
2 .स्वघोषणा पत्र-मालगुजारी रसीद की फोटो कॉपी को भी जमा करना होगा।
3 .खतियान की नकल-रैयत से संबंध के लिए आधार कार्ड की कॉपी जमा करनी होगी।
4 .जमाबंदी मृतक के नाम से है तो उनके मृत्यु का प्रमाणपत्र की कॉपी भी जमा करनी होगी।
5 .कोर्ट का कोई आदेश हो तो उसकी फोटोकॉपी आपको सर्वे टीम के पास जमा करना होगा।
6 .यदि आपकी जमीन पुश्तैनी हैं और पूर्वजों के नाम हैं तो आपको वंशावली बनाकर जमा करना होगा।

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