नियोजन की प्रमुख विशेषताएं
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत एएनएम की संविदा नियुक्ति 11 माह के लिए की जाएगी। हालांकि, सेवा संतोषजनक पाए जाने पर संविदा अवधि को 60 वर्ष की आयु तक या स्वीकृत पद तथा बजट की उपलब्धता के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। यह व्यवस्था राज्य सरकार की उस नीति को दर्शाती है जिसमें संविदा कर्मियों को दीर्घकालीन सेवा का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।
पदों का विस्तृत वितरण
स्वास्थ्य उप केंद्रों पर कुल 4197 पदों पर एएनएम की तैनाती की जाएगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत 510 पदों पर नियुक्ति होगी। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 299 पदों पर एएनएम को रखा जाएगा। इस व्यापक नियोजन से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि बेरोजगार नर्सों को रोजगार का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा।
वेतन व पात्रता
प्रत्येक नियुक्त एएनएम को 15,000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। आवेदन के लिए यह अनिवार्य था कि उम्मीदवार का नाम बिहार नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में पंजीकृत हो। साथ ही आरक्षण का लाभ केवल बिहार के मूल निवासियों को दिया जाएगा, जिससे राज्य के युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी अधिकतम अंक सीमा 80 है। इसके अतिरिक्त जिन उम्मीदवारों ने कोविड-19 महामारी के दौरान औपबंधिक रूप से सेवाएं दी हैं, उन्हें प्रत्येक वर्ष के अनुभव पर 5 अंक (अधिकतम 20 अंक) का बोनस मिलेगा। यह प्रावधान उन स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान को मान्यता देने का प्रयास है, जिन्होंने आपात स्थिति में सेवाएं दी थीं।
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