ई-वाहन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती
यह परियोजना खासकर यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े मार्गों को कवर करेगी। अभी तक ईवी चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग पॉइंट्स की उपलब्धता की रहती थी। लेकिन इन नए स्टेशनों के बनने से न केवल यह समस्या दूर होगी, बल्कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता और उपयोग भी बढ़ेगा।
जिला स्तर पर चार्जिंग स्टेशनों की संख्या
डीवीवीएनएल द्वारा प्राप्त आवेदनों के अनुसार सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन झांसी (36) में स्थापित किए जाएंगे, इसके बाद कानपुर देहात (34), कानपुर नगर (30), आगरा (28) और उरई (28) जैसे जिले हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि ये जिले या तो औद्योगिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं या फिर प्रमुख मार्गों पर स्थित हैं।
जिलावार चार्जिंग स्टेशनों की संख्या कुछ इस प्रकार है:
झांसी – 36, कानपुर देहात – 34, कानपुर – 30, आगरा – 28, उरई – 28, अलीगढ़ – 27, मथुरा – 18, महोबा – 17, इटावा – 17, हमीरपुर – 16, फिरोजाबाद – 15, हाथरस – 15, एटा – 11, ललितपुर – 14, कन्नौज – 8, औरैया – 7, बांदा – 7, चित्रकूट – 6, मैनपुरी – 6, कासगंज – 4, फर्रुखाबाद – 3.

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