खेल के क्षेत्र में नया युग
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक कमिश्नरी (मंडल) में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी। यही नहीं, हर जिले में एक स्टेडियम और विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल युवाओं को खेलों में करियर बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं को पहचान और संसाधन मिलेंगे।
खिलाड़ियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले 88 खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि और सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही हाल ही में नियुक्त किए गए सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। इससे यह साफ संकेत मिला कि प्रदेश सरकार न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दे रही है, बल्कि प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेलों में अनुशासन और राष्ट्रभाव
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि हर नागरिक को एक खिलाड़ी की तरह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना चाहिए। खेल भावना न केवल प्रतिस्पर्धा सिखाती है, बल्कि जीवन में अनुशासन और समन्वय भी स्थापित करती है। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखकर गर्व व्यक्त किया और कहा कि यह प्रयास राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अग्रणी बना देगा।
ओलंपियनों की भूमिका
घोषणा के अनुसार, स्पोर्ट्स कॉलेजों में "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" स्थापित किए जाएंगे, जहां ओलंपिक खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग मिलेगी और राज्य की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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