बिहार के इस शहर में ज़मीन की कीमतें छू रही आसमान

पटना। बिहार की राजधानी पटना अब अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर विस्तार की नई कहानी लिख रहा है, और इस बदलाव का सबसे चमकता सितारा बन चुका है बिहटा। कभी एक साधारण कस्बा रहा यह इलाका, अब ग्रेटर पटना की परिकल्पना के केंद्र में है। यहां जमीन के दाम जिस रफ्तार से बढ़े हैं, उसने पुराने निवेशकों को तो मालामाल किया ही है, साथ ही नए खरीदारों को भी खींचना शुरू कर दिया है।

बदलाव की नींव में बड़े प्रोजेक्ट्स

बिहटा का विकास कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित योजनाओं का परिणाम है। यहां पर बन रहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, खगौल-बिहटा एलिवेटेड रोड, और फोरलेन हाईवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह से बदल दी है। इसके साथ ही आईआईटी पटना और एनआईटी पटना जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार और औद्योगिक क्षेत्र का आकार लेना, इस इलाके को पटना के असली विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है। बिहटा-कन्हौली नया बस टर्मिनल भी कनेक्टिविटी को एक नया मुकाम देने वाला है।

जमीन की कीमतें पार कर रही हैं रेकॉर्ड्स

कुछ साल पहले तक बिहटा और आसपास के गांवों में जमीन खरीदना आम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मुमकिन था। पर आज स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। जहां पहले प्रति कट्ठा 4-5 लाख रुपये में जमीन मिल जाती थी, आज वही प्लॉट 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के दाम पर बिक रहे हैं। बिहटा में कुछ इलाके तो ऐसे हैं, जहां जमीन की कीमतें अब पटना शहर के कई इलाकों को पीछे छोड़ चुकी हैं। यह ट्रेंड दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में यहां की रियल एस्टेट मार्केट और भी तेज़ी से बढ़ेगी।

इस इलाकों को लेकर क्या कहता है भविष्य?

बिहटा के वर्तमान ट्रेंड को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अगले 5 से 10 वर्षों में यह इलाका पटना का एक्सटेंशन नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र शहरी पहचान बन जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, और शिक्षा व उद्योग की संभावनाएं इस क्षेत्र को हर निवेशक की नज़र में प्रमुख बना रही हैं।

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