1. ब्रह्मोस-2: आवाज़ से भी तेज़ कहर
ब्रह्मोस मिसाइल पहले ही दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है, लेकिन अब भारत और रूस मिलकर इसके नए वर्जन ब्रह्मोस-2 पर काम कर रहे हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल होगी, जिसकी गति मैक 7 तक हो सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि दुश्मन के पास न तो रोकने का वक़्त होगा, न बचने का रास्ता।
2. रुद्रम-4: दुश्मन की आंखें फोड़ने वाला हथियार
रुद्रम सीरीज़ DRDO द्वारा विकसित की जा रही एंटी-रेडिएशन मिसाइलें हैं, जो खासतौर पर दुश्मन के रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक हथियारों को निशाना बनाती हैं। रुद्रम-4 इस सीरीज़ का सबसे एडवांस वर्जन है, जिसकी रेंज 500 किमी से ज्यादा बताई जा रही है। यह मिसाइल दुश्मन की ‘आंख और कान’ पहले ही खत्म कर देगी, जिससे आगे की लड़ाई में भारत को रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
3. तेजस मार्क-2: आत्मनिर्भरता की उड़ान
तेजस फाइटर जेट भारतीय वायुसेना का गर्व है, और अब इसका नया वर्जन तेजस मार्क-2 पूरी दुनिया की नजरों में है। यह जेट पहले से बड़ा, ज़्यादा फ्यूल ले जाने में सक्षम और आधुनिक हथियारों से लैस होगा। इसमें उन्नत एवियोनिक्स, AESA रडार, और स्टील्थ फीचर्स शामिल होंगे। 2026-27 तक इसके पहले उड़ान की उम्मीद है, और इसके बाद भारत विदेशी फाइटर जेट्स पर अपनी निर्भरता खत्म कर पाएगा।
4. AMCA: भारत का स्टील्थ गेमचेंजर
Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) भारत का पहला फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट होगा।इसमें स्टील्थ टेक्नोलॉजी, सुपरक्रूज़ क्षमता, और AI-आधारित लड़ाकू सिस्टम शामिल होंगे। AMCA को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन के रडार से बचकर घातक हमले कर सके। यह भारतीय वायुसेना को तकनीकी रूप से चीन और अमेरिका जैसी महाशक्तियों के बराबरी में खड़ा कर देगा।

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