क्या बदलेगा नई व्यवस्था में?
अभी तक संपत्ति रजिस्ट्री के बाद खरीदार को अलग से खतौनी में नाम चढ़वाने के लिए आवेदन करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में न केवल समय लगता था, बल्कि विक्रेता को मैनुअली नोटिस भेजे जाते थे और आपत्तियों की स्थिति में यह प्रक्रिया और लंबी हो जाती थी। कई बार खरीदारों को महीनों इंतजार करना पड़ता था कि उनका नाम खतौनी में दर्ज हो।
अब, स्टांप और निबंधन विभाग द्वारा ऑनलाइन ही सारी जानकारी राजस्व विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद विक्रेता और सह-खातेदारों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस या व्हाट्सएप के ज़रिए नोटिस मिलेगा। यदि कोई आपत्ति नहीं आती, तो 35 दिनों के भीतर खतौनी में खरीदार का नाम दर्ज कर दिया जाएगा।
आधार से लिंक होगी खतौनी
आपको बता दें की राजस्व परिषद ने इस प्रक्रिया को और सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए एक और पहल की है की अब संपत्तियों को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी और रिकॉर्ड्स में स्पष्टता आएगी।

0 comments:
Post a Comment