यूपी में कब खत्म होगा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हो गई हैं। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है की ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल कब खत्म होगा? साथ ही, इस बार के पंचायत चुनाव कई मायनों में चुनौतीपूर्ण होने जा रहे हैं, क्योंकि राज्य में बड़े स्तर पर परिसीमन का कार्य किया जा रहा है।

क्या है परिसीमन और क्यों हो रहा है?

बीते पांच वर्षों में प्रदेश में शहरीकरण की गति में तेजी आई है। इसके चलते नई नगर निकायों का गठन हुआ है और कई ग्राम पंचायतों को नगर निकायों में विलय कर दिया गया है। यह प्रक्रिया सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि इससे ग्राम पंचायतों की सीमाओं, जनसंख्या संरचना और प्रतिनिधियों की संख्या में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

परिसीमन का मुख्य उद्देश्य यह है कि बढ़ती जनसंख्या और बदलते भूगोल के अनुसार संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे में अब जो पंचायत चुनाव होंगे, वे पहले की तुलना में अलग ढांचे और सीमाओं में कराए जाएंगे।

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल: 26 मई 2026

क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का कार्यकाल: 19 जुलाई 2026

जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल: 11 जुलाई 2026

इसका सीधा अर्थ है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 2026 की शुरुआत में ही सक्रिय हो जाएगी। चूंकि कार्यकाल खत्म होने से पहले परिसीमन, मतदाता सूची संशोधन और आरक्षण की अधिसूचना जैसे कई तकनीकी कार्य पूरे करने होते हैं, इसलिए तैयारियाँ अभी से शुरू कर दी गई हैं।

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