आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत: PPP में अमेरिका को पछाड़ेगा!

नई दिल्ली। विश्व की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और भारत इन बदलावों के केंद्र में उभर कर सामने आ रहा है। ईवाई (Ernst & Young) की रिपोर्ट में भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर बेहद आशाजनक तस्वीर दिखाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2038 तक परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर अमेरिका को पीछे छोड़कर विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की स्थिति में होगा।

वर्तमान स्थिति और विकास दर

वर्तमान में भारत चीन और अमेरिका के बाद PPP के आधार पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की GDP PPP के संदर्भ में लगभग 14.2 लाख करोड़ डॉलर रही, जो बाजार विनिमय दरों पर आंकी गई GDP से लगभग तीन गुना अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था वास्तविक क्रय शक्ति के लिहाज से बाजार विनिमय दरों से कहीं अधिक मजबूत है।

ईवाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत अपनी औसत विकास दर लगभग 6.5% बनाए रखता है, जबकि अमेरिका की वृद्धि दर लगभग 2.1% रहे, तो 2038 तक भारत की GDP PPP के आधार पर 34.2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी और अमेरिका को पछाड़ते हुए विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

प्रमुख कारण और आर्थिक मजबूती

भारत की इस आर्थिक सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। सबसे पहले, भारत का युवा और कुशल कार्यबल उसकी सबसे बड़ी ताकत है। युवा आबादी का एक बड़ा हिस्सा नौकरी और उद्यमिता की ओर अग्रसर है, जिससे उत्पादन और नवाचार की गति तेज हो रही है। दूसरी बात, भारत की मजबूत बचत और निवेश दरें भी आर्थिक विकास में सहायक हैं। घरेलू बाजार में पूंजी की उपलब्धता और निवेश की स्थिरता ने भारत की अर्थव्यवस्था को निरंतर बढ़ने का आधार दिया है। इसके साथ ही, भारत की ऋण प्रोफाइल भी टिकाऊ बनी हुई है, जो वित्तीय स्थिरता को दर्शाती है और विकास को गति देती है।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की भूमिका

2038 तक भारत न केवल PPP के आधार पर अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है, बल्कि वर्ष 2028 तक बाजार विनिमय दरों पर जर्मनी को भी पछाड़ते हुए विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह परिवर्तन वैश्विक आर्थिक नक्शे को नया आकार देगा और भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा।

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