क्या है प्रोजेक्ट कुशा?
प्रोजेक्ट कुशा, भारत सरकार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा शुरू किया गया एक अति आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने का मिशन है। इसका उद्देश्य है: एक ऐसा मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच तैयार करना जो हर प्रकार के हवाई खतरों बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, स्टील्थ फाइटर जेट्स और ड्रोन को वायु और वायुमंडल के बाहर ही नष्ट कर सके।
इस प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा है 'M3' मिसाइल।
M3 मिसाइल: भारत की भविष्य की ढाल
M3 एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Long-range SAM) है, जिसे खासतौर पर दुश्मन की एडवांस तकनीकों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका ऊँचाई और रेंज कवरेज। इसकी ऊंचाई लगभग 200 किमी, जो रूस के S-400 सिस्टम की 40N6E मिसाइल से भी अधिक है (S-400 की अधिकतम ऊंचाई 180 किमी है)। जबकि रेंज लगभग 350-400 किमी तक, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद घातक बनाता है।
तकनीकी खूबियाँ जो बनाती हैं इसे S-400 से बेहतर
M3 सिर्फ रेंज और ऊँचाई में ही आगे नहीं है, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी यह कहीं ज्यादा उन्नत मानी जा रही है। AESA सीकर (Active Electronically Scanned Array) लक्ष्य की सटीक पहचान और ट्रैकिंग में उत्तम हैं। यह स्टील्थ और कम विजिबिलिटी वाले टार्गेट पर भी प्रभावी हैं। साथ ही यह इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बावजूद सटीक दिशा में उड़ान भर सकता हैं। इसमें वायुमंडल के बाहर भी ऑपरेशन क्षमता मौजूद हैं।

0 comments:
Post a Comment