कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को खुशखबरी: 5 राज्यों ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

न्यूज डेस्क। होली से पहले देश के कई राज्यों की सरकारों ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों ने महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की घोषणा की है। इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश में डीए बढ़ाकर 58 प्रतिशत

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 के वेतन में जोड़ी जाएगी, जिसका भुगतान मई में किया जाएगा। साथ ही जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का बकाया भी कर्मचारियों को छह किस्तों में दिया जाएगा। पेंशनभोगियों को भी जनवरी और फरवरी 2026 की अवधि के लिए 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता उनकी पेंशन में जोड़ा जाएगा।

महाराष्ट्र में 3 प्रतिशत डीए की बढ़ोतरी

महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की है। राज्य के वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। सरकार के अनुसार यह बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी। संशोधित महंगाई भत्ते का भुगतान फरवरी से किया जाएगा और जुलाई से अक्टूबर 2025 तक का बकाया मार्च 2026 में ‘गुड़ी पड़वा’ के अवसर पर दिया जाएगा। इस फैसले से लगभग 5.16 लाख कर्मचारी और 8.72 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।

केरल में डीए 25 से बढ़कर 35 प्रतिशत

केरल सरकार ने भी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकारी आदेश के अनुसार बढ़ी हुई राशि मार्च के वेतन में शामिल की जाएगी, जबकि पेंशनभोगियों को संशोधित महंगाई राहत अप्रैल की पेंशन के साथ मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में भी कर्मचारियों को राहत

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार डीए बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया जाएगा, जिससे राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर लाभ मिल सके। 

पश्चिम बंगाल में भी डीए बढ़ा

पश्चिम बंगाल सरकार ने बजट 2026 में महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके बाद राज्य कर्मचारियों का डीए बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया है। हालांकि यह दर अभी भी केंद्र सरकार की दर से कम बताई जा रही है। इसी दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने भी वर्ष 2008 से लंबित महंगाई भत्ते के बकाये के आंशिक भुगतान का निर्देश दिया है।

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