1. हर राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब हर राज्य अपनी कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार अलग रोडमैप तैयार करेगा। इससे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से खेती को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन में सुधार होगा।
2. रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन पर गर्व
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन अब तक के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है, जो किसानों, वैज्ञानिकों और राज्यों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में और मजबूत करती है।
3. नियम किसानों के लिए, बाधा नहीं
सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि कृषि से जुड़े नियम और प्रक्रियाएं किसानों की सुविधा के लिए हैं, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। जहां भी जटिलताएं हैं, वहां सुधार किए जाएंगे।
4. दलहन और तिलहन मिशन पर जोर
सरकार ने राज्यों को दलहन, तिलहन और कपास मिशन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिक उत्पादन देने वाली और जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास पर जोर दिया गया है।
5. बीज उपलब्धता में मजबूती
खरीफ 2026 के लिए जरूरत से अधिक बीज उपलब्ध कराए गए हैं और राष्ट्रीय स्तर पर बीज भंडार भी तैयार किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कमी न हो।
6. ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत
1 जून से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, संतुलित उर्वरक उपयोग, सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
7. सॉइल हेल्थ कार्ड और फार्मर आईडी का विस्तार
सरकार ने कहा कि सॉइल हेल्थ कार्ड को केवल कागज न मानकर खेत की वास्तविक स्थिति समझने का आधार बनाया जाए। वहीं फार्मर आईडी को किसान सेवाओं का डिजिटल आधार माना गया है।
8. उर्वरक और बीज पर सख्त निगरानी
सरकार ने नकली बीज और घटिया कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने पर विशेष जोर दिया गया है।
9. किसान क्रेडिट कार्ड और मशीनीकरण को बढ़ावा
किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की पहुंच बढ़ाई जाएगी। साथ ही कृषि मशीनों के सही उपयोग और कस्टम हायरिंग सेंटरों की पारदर्शिता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
10. फसल बीमा और MSP व्यवस्था मजबूत
सरकार ने फसल बीमा योजना में समयबद्ध मुआवजा सुनिश्चित करने की बात कही है। इसके अलावा दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्था को मजबूत कर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया गया है।
अतिरिक्त पहलें: कृषि संस्थानों की भूमिका बढ़ेगी
केंद्र सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसानों तक तकनीक और बाजार दोनों की पहुंच आसान हो सके।

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