धार्मिक जमीनों की सुरक्षा बनी सरकार की प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में स्थित मठों, मंदिरों और देवालयों की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लंबे समय से इन जमीनों पर अवैध कब्जे और विवादों की शिकायतें मिलती रही हैं, जिन्हें अब सख्ती से निपटाने की तैयारी है।
स्पेशल सेल करेगा पूरे मामले की निगरानी
नई व्यवस्था के तहत राजस्व विभाग, विधि विभाग और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को मिलाकर एक संयुक्त विशेष सेल बनाया जाएगा। यह सेल धार्मिक संपत्तियों से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा, कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को समन्वित तरीके से संचालित करेगा।
पहले से लंबित मामलों पर होगा एक्शन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि धार्मिक न्यास परिषद के ट्रिब्यूनल द्वारा जिन मामलों में पहले ही अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, उन पर अब विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में जमीन को जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अंचल अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी तय
सरकार ने साफ किया है कि संबंधित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों (CO) को इस अभियान की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वे स्थानीय स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया को गति देंगे।
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