सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए सभी मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। नई सरकार के गठन के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई दे रही है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
राज्य में एक महीने तक होगी व्यापक जांच
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी जिलों में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्यालय मान्यता प्राप्त करने के समय निर्धारित शर्तों और नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालयों में पहुंचकर आधारभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, भवन, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
मान्यता की शर्तों पर रहेगा विशेष फोकस
निजी विद्यालयों को मान्यता विभिन्न शर्तों के आधार पर सीमित अवधि के लिए प्रदान की जाती है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद विद्यालयों को नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सरकार अब यह जांच करेगी कि मान्यता मिलने के बाद भी विद्यालय उन मानकों को बनाए हुए हैं या नहीं। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के जिलाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों, अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करें। सरकार चाहती है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए।

0 comments:
Post a Comment