यह योजना दुर्घटना की स्थिति में किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। खास बात यह है कि इसका लाभ केवल भूमिधर किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती से जुड़े अन्य पात्र लोगों को भी दिया जाता है।
किन लोगों को मिलता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ केवल जमीन के मालिक किसानों तक सीमित नहीं है। प्रदेश सरकार ने इसके दायरे को बढ़ाते हुए बटाईदार किसानों, पट्टेदार किसानों और किसान परिवार के उन वयस्क सदस्यों को भी शामिल किया है जो खेती से जुड़े हुए हैं। योजना के तहत लाभ पाने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
दुर्घटना में कितनी मिलती है सहायता?
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग आर्थिक सहायता दी जाती है।
दुर्घटना में मृत्यु होने पर: 5 लाख रुपये
एक हाथ और एक पैर की स्थायी क्षति पर: 2 से 3 लाख रुपये तक
दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों की स्थायी क्षति पर: 5 लाख रुपये
एक आंख की दृष्टि समाप्त होने या गंभीर स्थायी विकलांगता पर: 5 लाख रुपये तक
25% से अधिक और 50% से कम दिव्यांगता होने पर: 1 लाख से 2 लाख रुपये तक की सहायता
यह राशि सीधे लाभार्थी या उसके परिवार के बैंक खाते में भेजी जाती है।
किन दुर्घटनाओं को किया गया है शामिल?
योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें केवल सड़क हादसे ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और कृषि कार्यों के दौरान होने वाली कई अन्य दुर्घटनाएं भी शामिल हैं। योजना के तहत निम्न घटनाओं में सहायता मिल सकती है: बिजली गिरना, करंट लगना, बाढ़ में बह जाना, आग लगने की घटना, कुएं या गड्ढे में गिरना, सांप या जहरीले जीव के काटने से दुर्घटना, जंगली जानवरों के हमले, यात्रा के दौरान दुर्घटना, कुछ विशेष परिस्थितियों में हत्या या हिंसक हमले की घटनाएं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। किसान घर बैठे ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई होती है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी तहसील या संबंधित कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन भी जमा कर सकते हैं।

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