बिहार में खुलेगी 25 नई चीनी मिलें, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। राज्य में 25 नई अत्याधुनिक चीनी मिलें स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी कई पुरानी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने पर भी काम किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों की आय बढ़ेगी और हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

सात निश्चय-3 योजना के तहत बड़ा फैसला

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि एनडीए सरकार राज्य के किसानों के हित में मिशन मोड में काम कर रही है। सात निश्चय-3 योजना के तहत नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों को पुनर्जीवित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास के लिए अहम साबित हो सकता है।

गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

नई चीनी मिलें शुरू होने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अभी कई किसान गन्ना लेकर उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की मिलों तक जाने को मजबूर होते हैं। सरकार का कहना है कि मिलें स्थानीय स्तर पर शुरू होने से किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

चीनी मिलों के शुरू होने से सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। मिलों से जुड़े परिवहन, मशीनरी, गोदाम और अन्य कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।

सरकार का मानना है कि नई चीनी मिलों से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी और सिवान जैसे गन्ना उत्पादक जिलों में विकास को नई रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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