यूपी में मानसून की एंट्री कब होगी? इस रूट से आएगी झमाझम बारिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौतपा की भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं ने दिन के साथ-साथ रात का मौसम भी परेशान कर दिया है। ऐसे में अब हर किसी को मानसून का इंतजार है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यूपी में मानसून कब पहुंचेगा और किन इलाकों में सबसे पहले बारिश शुरू होगी।

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से थोड़ा पहले भारत में दस्तक दे सकता है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो जून के दूसरे पखवाड़े से उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगेंगी। वहीं प्री-मानसून बारिश की शुरुआत कई जिलों में इससे पहले भी हो सकती है।

यूपी में मानसून किन रास्तों से आता है?

उत्तर प्रदेश में मानसून मुख्य रूप से दो अलग-अलग रूटों से प्रवेश करता है। यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का समय और मात्रा अलग रहती है।

1. बंगाल की खाड़ी वाला रूट

यह यूपी में मानसून का सबसे प्रमुख रास्ता माना जाता है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं सबसे पहले पूर्वांचल के जिलों में प्रवेश करती हैं। गोरखपुर, देवरिया, बलिया और आसपास के इलाकों में मानसून की पहली बारिश देखने को मिलती है। इसके बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे लखनऊ, कानपुर और मध्य यूपी की ओर बढ़ता है। इस रूट को पूर्वी उत्तर प्रदेश मानसून रूट कहा जाता है।

2. अरब सागर वाला रूट

दूसरा मानसूनी रास्ता अरब सागर से होकर आता है। यह मानसून पहले महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से गुजरता है, फिर झांसी, चित्रकूट और बुंदेलखंड के इलाकों में प्रवेश करता है। इसके बाद यह मानसूनी सिस्टम प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ की ओर आगे बढ़ता है। हालांकि यह रूट थोड़ा छोटा माना जाता है, लेकिन यूपी के मौसम पर इसका बड़ा असर पड़ता है।

कहां होता है दोनों मानसून का मिलन?

जब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाले मानसूनी सिस्टम मध्य यूपी तक पहुंचते हैं, तब दोनों का असर एक साथ दिखाई देता है। खासकर लखनऊ, कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन दोनों सिस्टमों के मिलने से अच्छी बारिश होती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसी वजह से मध्य उत्तर प्रदेश में कई बार लगातार और तेज बारिश देखने को मिलती है।

भारत में मानसून की शुरुआत कब होती है?

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक शुरुआत केरल से मानी जाती है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है। इस बार मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मानसून तय समय से पहले भी आ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो इसका असर उत्तर भारत में भी जल्दी दिखाई दे सकता है। अनुमान है कि जून के आखिरी सप्ताह तक मानसून उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकता है।

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