LPG से PAN तक सबकुछ बदलेगा! 1 जून से लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली। 1 जून से देशभर में कई ऐसे बदलाव होने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। नए महीने के साथ बैंकिंग, गैस सिलेंडर, यूपीआई और रेलवे समेत कई क्षेत्रों में नए नियम लागू होने की संभावना है। ऐसे में अगर आप पहले से अपडेट नहीं रहे, तो अतिरिक्त खर्च या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गैस सिलेंडर के दाम पर सबकी नजर

हर महीने की तरह इस बार भी तेल कंपनियां 1 जून को एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करेंगी। पिछले कुछ समय से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़े हैं, जिससे होटल और छोटे कारोबार प्रभावित हुए हैं। अब घरेलू उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि रसोई गैस की कीमतों में राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला कंपनियों की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।

यूपीआई पेमेंट होगा ज्यादा सुरक्षित

ऑनलाइन पेमेंट करने वालों के लिए जून से बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब पैसे भेजते समय सामने वाले का वही नाम दिखाई देगा, जो उसके बैंक खाते में दर्ज है। इससे फर्जी नाम के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

पैन कार्ड नियमों में नया बदलाव

आयकर विभाग ने पैन कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ राहत और कुछ सख्ती दोनों लागू की हैं। अब छोटे कैश ट्रांजैक्शन में पैन की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन बड़े प्रॉपर्टी सौदों और भारी लेनदेन में पैन अनिवार्य रहेगा। साथ ही पुराने फॉर्म-60 की जगह नया फॉर्म लागू किए जाने की तैयारी है।

रेलवे यात्रियों को रखना होगा ध्यान

जून में रेलवे कई रूटों पर ट्रैक सुधार और अपग्रेड का काम करेगा। इसके चलते कुछ ट्रेनें रद्द रह सकती हैं और कई ट्रेनों के समय व रूट बदले जा सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

बैंक और एटीएम नियम बदल सकते हैं

कुछ बैंक एटीएम से मुफ्त निकासी की सीमा और चार्ज में बदलाव कर सकते हैं। इसके अलावा एफडी और सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में भी बदलाव संभव है। ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक की नई गाइडलाइन पर नजर बनाए रखनी होगी।

सोलर पैनल से जुड़े नियम होंगे सख्त

सरकार अब सोलर सेक्टर में गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ाने जा रही है। 1 जून से सरकारी सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में केवल मंजूर कंपनियों के सोलर पैनल ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इससे अच्छी क्वालिटी वाले उपकरणों को बढ़ावा मिलेगा, हालांकि कीमतों में थोड़ा असर देखने को मिल सकता है।

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