कागजी फाइलों का सिस्टम खत्म करने की दिशा में कदम
अब तक रेलवे में कई जरूरी मामलों की फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक घूमती रहती थीं, जिससे काम में काफी देरी होती थी। जांच में यह भी सामने आया कि 100 से ज्यादा मामलों में देरी केवल कागजी प्रक्रिया के कारण हुई। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि अब रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों में पारंपरिक पेपर फाइल सिस्टम की जगह डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
ई-रसीद और ऑनलाइन सिस्टम से होंगे सभी काम
नई व्यवस्था के तहत अब सभी जरूरी प्रमाण पत्र और अनुमोदन ऑनलाइन मिलेंगे। इसमें शामिल हैं: ट्रांसफर और प्रमोशन से जुड़ी मंजूरियां, विजिलेंस (सतर्कता) क्लीयरेंस, अनुशासनात्मक विभाग की रिपोर्ट, वार्षिक प्रगति रिपोर्ट (APAR), पासपोर्ट और विदेश यात्रा के लिए NOC, इन सभी प्रक्रियाओं के लिए अब अलग-अलग फाइलें चलाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पूरा सिस्टम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करेगा।
कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
इस नई व्यवस्था से लाखों रेलवे कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। पहले जहां छोटे-छोटे कामों के लिए भी महीनों का इंतजार करना पड़ता था, अब वही काम कुछ ही समय में ऑनलाइन पूरा हो सकेगा। इससे न केवल समय बचेगा बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
आदेश पूरे देश में लागू
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी निर्देश को तत्काल प्रभाव से सभी जोन, मंडलों और इकाइयों में लागू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य पूरे रेलवे सिस्टम में एक समान और तेज डिजिटल प्रक्रिया को लागू करना है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से प्रशासनिक कामकाज अधिक सुचारू, जवाबदेह और तेज़ होगा।

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