यूपी सरकार की बड़ी तैयारी: ग्रामीण युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं को केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कौशल विकास मिशन के तहत एक नई और व्यापक योजना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम और नेतृत्व क्षमता से भरपूर बनाना है।

डीडीयू-जीकेवाई के तहत नया प्रशिक्षण मॉडल

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने डीडीयू-जीकेवाई (DDU-GKY) के अंतर्गत चल रहे सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए सालभर चलने वाली सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नया कैलेंडर जारी किया है। अब प्रशिक्षण केवल तकनीकी नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और व्यवहारिक कौशल पर भी केंद्रित होगा।

ग्रामीण युवाओं को मिलेंगे 360 डिग्री स्किल्स

इस योजना का मुख्य फोकस युवाओं के संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर रहेगा। सरकार चाहती है कि ग्रामीण युवा भी बड़े कॉर्पोरेट सेक्टर में आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें।

सालभर चलेंगी अलग-अलग गतिविधियां

नए कैलेंडर के अनुसार हर महीने विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:

जनवरी: करियर काउंसलिंग और युवा दिवस

फरवरी: सांस्कृतिक कार्यक्रम

मार्च: महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

अप्रैल: टैलेंट शो और आत्म-परिचय गतिविधियां

मई-जून: योग, खेल और स्वास्थ्य कार्यक्रम

जुलाई: ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू प्रैक्टिस

अगस्त-सितंबर: सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन

अक्टूबर-नवंबर: साइबर सुरक्षा और संविधान जागरूकता

दिसंबर: अंग्रेजी बोलचाल और रिज्यूमे लेखन

डिजिटल और कम्युनिकेशन स्किल पर जोर

युवाओं को मॉक इंटरव्यू, पब्लिक स्पीकिंग और डिजिटल साक्षरता जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे नौकरी बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

6 विशेष क्लबों का गठन अनिवार्य

हर प्रशिक्षण केंद्र में छह विशेष क्लब बनाए जाएंगे: सांस्कृतिक क्लब, खेल एवं फिटनेस क्लब, डिजिटल एवं आईटी क्लब, साहित्य एवं भाषा क्लब, पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता क्लब, उद्यमिता एवं करियर विकास क्लब। इन क्लबों में महिला और दिव्यांग युवाओं की भागीदारी भी अनिवार्य की गई है।

पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था सख्त

हर गतिविधि की रिपोर्टिंग अब अनिवार्य कर दी गई है। प्रशिक्षण संस्थानों को जियोटैग फोटो, उपस्थिति रिकॉर्ड और प्रगति रिपोर्ट हर महीने मिशन मुख्यालय को भेजनी होगी।

ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ा बदलाव

अधिकारियों का मानना है कि आज के समय में सिर्फ तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। संवाद कौशल, आत्मविश्वास और व्यवहारिक समझ भी उतनी ही जरूरी है। यह योजना ग्रामीण युवाओं को बड़े उद्योगों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार करेगी।

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