1. देश में LPG उपभोक्ताओं की संख्या 33.5 करोड़ के पार
पिछले एक दशक में देश में एलपीजी कनेक्शनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में देश में करीब 33.5 करोड़ LPG उपभोक्ता हैं। वहीं दूसरी ओर PNG उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1.64 करोड़ है। सरकार चाहती है कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां अधिक से अधिक लोग PNG का उपयोग करें ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके।
2. PNG कनेक्शन लेने के बाद LPG पर बढ़ी निगरानी
रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च 2026 तक करीब 6.5 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए गए, लेकिन वास्तविक गैस खपत अपेक्षा से कम रही। इससे संकेत मिलता है कि कई परिवारों ने PNG कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन LPG सिलेंडर का उपयोग जारी रखा हुआ है। इसी कारण अब दोनों कनेक्शनों के उपयोग पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
3. एक परिवार-एक गैस कनेक्शन व्यवस्था पर जोर
तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ऐसे उपभोक्ताओं का डेटा मिलान कर रही हैं जिनके एक ही पते पर PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इसका उद्देश्य घरेलू गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनावश्यक सब्सिडी लाभ को रोकना है। जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क पूरी तरह उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ सकता है।
4. LPG रिफिल बुकिंग के बीच बढ़ सकता है अंतराल
गैस की उपलब्धता को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए रिफिल बुकिंग अवधि में बदलाव की चर्चा है। शहरी क्षेत्रों में रिफिल बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया जा सकता है .ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तक रखी जा सकती है। इसका उद्देश्य घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाना है।
5. सब्सिडी वाले सिलेंडरों की सीमा बरकरार
सरकारी व्यवस्था के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को अभी भी एक वर्ष में 12 रियायती LPG सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद लिए जाने वाले अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए बाजार मूल्य के अनुसार भुगतान करना होगा। साथ ही नए गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा जमा, रेगुलेटर, पाइप और इंस्टॉलेशन शुल्क से जुड़े नियम भी लागू रहेंगे।
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